वर्चुअल ऑफ़िस से स्टार्टअप को फ़ायदा

स्टार्टअप के लिए वर्चुअल ऑफ़िस की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। थर्ड पार्टी कम्पनियाँ इस प्रकार की सेवा देती हैं। ऐसे ऑफ़िस ईमेल फ़ॉरवर्डिंग, वर्चुअल रिसेंपशनिस्ट और कस्टमर सर्विस ऑप्रेटिव्स जैसी सेवाएँ देते हैं।

वर्चुअल ऑफ़िस तृतीय पक्ष द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएँ होती हैं। इसमें आप वर्चुअल रिसेप्शनिस्ट, मेलिंग फ़ैसीलिटी आदि सेवाएँ प्राप्त करते हैं, जिसके लिए आपके पास वास्तविक ऑफ़िस होना आवश्यक नहीं है। तृतीय पक्ष अपने क्लाइंट को अनेक प्रकार की सेवाएँ प्रदान करते हैं। कुछ सेवाएँ केवल बिजनेस एड्रेस से सम्बंधित होती हैं तो कुछ मेलिंग एड्रेस से सम्बंधित भी होती हैं। इसके अतिरिक्त पूरी से आउटसोर्स सेवाएँ भी विकल्प के रूप में होती हैं। इस प्रकार के ऑफ़िस मार्केटिंग और एकाउंटिंग की सेवाएँ भी देते हैं।

वर्चुअल ऑफ़िस की आवश्यकता

वर्चुअल ऑफ़िस की ज़रूरत

1. विस्तार के खर्च की कटौती

वर्चुअल ऑफ़िस के द्वारा आप एक टीम बना लेते हैं जिसमें कस्टमर सर्विस प्रोवाइडर, वर्चुअल रिसेप्शनिस्ट और बहुत सी सेवाएँ होती हैं। इस प्रकार पूरे विश्वास से आप अपनी टीम का विस्तार कर लेते हैं। इस प्रकार आप कर्मचारियों को नौकरी पर रखने, उनके लाभ, उनकी ट्रेनिंग और उन पर होने वाले अन्य खर्चों की कटौती कर सकते हैं।

2. ब्रैंड इमेज बनाना

चाहे स्टार्टअप हो या फिर कम्पनी, सभी को अपना ब्रैंड बनाकर उसे मेनटेन करना पड़ता है। कभी कभी घर से चलने वाले स्टार्टअप के लिए मार्केट में अपनी पहचान बना पाना बहुत मुश्किल काम हो जाता है। इस स्थिति में, वर्चुअल ऑफ़िस काम का साबित होता है, क्योंकि आपको एक बड़े शहर के अच्छे इलाक़े का पता मिल जाता है।

3. बेहतर कस्टमर सर्विस

जब कोई ऑन्तरप्रनर चीज़ों को ख़ुद व्यवस्थित करता है तो एक बिंदु पर आकर उसे काम बाँटना पड़ता है। वर्चुअल ऑफ़िस कस्टमर सर्विस को बड़े ही अच्छे ढंग से बेहतर बनाता है। इसलिए अगर आप बिजनेस के किसी दूसरे पहलू पर पूरा ध्यान लगाना चाहते हैं तो यह काम का बोझ कम करने के लिए आप कस्टर सर्विस सेवा को आउटसोर्स कर सकते हैं।

4. समय की बचत

एक ऑन्तरप्रनर को बहुत से एडमिनिस्ट्रेटिव काम करने पड़ते हैं और वह पूरी तरह से थककर चकनाचूर हो जाता है, जिससे उसे नीरसता महसूस होने लगती है। अगर आप इन कामों को वर्चुअल ऑफ़िस को सौंप दें तो आपका बहुत समय बच जाता है। इस बचे हुए समय को आप दूसरे प्रोडक्टिव कामों में लगा सकते हैं।

5. समय से पहले काम

जब आप अपने कुछ काम वर्चुअल ऑफ़िस को दे देते हैं, तो वे अपेक्षाकृत आसान हो जाते हैं और उन्हें प्रबंधित करना सरल हो जाता है। यह ऑफ़िस आपके लिए कॉल और ईमेल को ऑर्गनाइज़ करता है और चीज़ों को ठीक समय पर पूरा करना सुनिश्चित करता है। यह आपको अस्त-व्यस्त हालातों से बचाकर आपके काम की इफ़ीसिएंसी बढ़ाता है।

जब आप अपना कोई वेंचर आरम्भ करें तो वर्चुअल ऑफ़िस के बारे में ज़रूर विचार करें। उसकी सेवाओं को एनालाइज़ करके उसकी सेवा लेने या न लेने के बारे में सोचना चाहिए।

आपको ज़रूर वर्चुअल ऑफ़िस के बारे में पर्याप्त जानकारी मिली होगी। इस बारे में हमें आपके कमेंट का इंतिज़ार रहेगा।