जियोटारगेटिंग का महत्व – हिंदी ब्लॉगिंग और ट्रैफ़िक के लिए

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आज हिंदी ब्लॉगिंग में कई लोग अपना हाथ आज़माना चाह रहे हैं। ऐसा इसलिए है कि वे हिंदी में ब्लॉग लिख सकते हैं जो कि पैसे कमाने का एक अच्छा माध्यम साबित हो सकता है। लेकिन एक बात जो आपको शुरुआत में ही समझ लेनी चाहिए भारत जैसे देश से आपको विज्ञापनों पर प्रति क्लिक द्वारा अच्छी कमाई होने की सम्भावना कम रहती है। इसलिए आपको नज़र ऐसे देशों पर रखनी चाहिए जहाँ विज्ञापन पर प्रति क्लिक अच्छी कमाई की जा सकती हो। यू.एस. और यू.के. ऐसे ही देशों में शुमार हैं। यहाँ ऑनलाइन विज्ञापनों पर क्लिक करके ख़रीदारी करने वाले ज़्यादा लोग रहते हैं। इसलिए कमाई की सम्भावना बढ़ जाती है।

आपको अपने ब्लॉग को किसी भी देश की ऑडियंस को टारगेट यानि जियोटारगेटिंग करने से पहले कुछ ज़रूरी बातों पर भी ध्यान देना होता है। उदाहरण के लिए आपको जानना होगा कि क्या वह ब्लॉग उस देश में पढ़ा जाएगा, क्या उस देश आपकी ब्लॉग की मूल भाषा पढ़ने वाले लोग अधिक हैं इत्यादि बातें…। इसलिए किसी हिंदी ब्लॉग को भारत जैसे देश में ही टारगेट करना सही रहता है क्योंकि वहाँ ब्लॉग्स के मध्य प्रतियोगिता कम और डिमांड और सप्लाई का अनुपात ठीक बैठता है।

जियोटारगेटिंग का ब्लॉगिंग के साथ सहसम्बंध

हिंदी ब्लॉगिंग, ट्रैफ़िक और जियोटारगेटिंगजियोटारगेटिंग करना आपका व्यक्तिगत निर्णय होता है क्योंकि आप अपना उद्देश्य हिंदी ब्लॉगिंग शुरु करने से पहले ही तय कर चुके हैं आप ऐडसेंस या एफ़िलिएट किससे पैसा कमाना चाहते हैं? बहुत से लोग ब्लॉग को किसी देश की ऑडियंस के लिए पैसा देकर ट्रैफ़िक ख़रीदना पसंद करते हैं जिससे उन्हें प्रति क्लिक अधिक कमाई हो सके या एफ़िलिएट मार्केटिंग के अच्छे रिज़ल्ट आयें। लेकिन ब्लॉगरों के लिए ऑरगैनिक ट्रैफ़िक पर भरोसा करना ज़्यादा अच्छा रहता है।

भारत में अधिक ट्रैफ़िक पाने का सूत्र

यदि आप हिंदी ब्लॉगिंग करते हुए अपने ब्लॉग को भारत में अधिक लोकप्रिय बनाना चाहते हैं तो इसके आपको .in, .co.in, .org.in आदि भारतीय टॉप लेवल डोमेन पर अधिक भरोसा करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि सर्च इंजन पहली ही नज़र में इसे भारत का डोमेन समझकर उसी देश की ऑडियंस के लिए टारगेट कर देते हैं। इसलिए देश के हिसाब से डोमेन लेना अच्छा रहता है।

गूगल सर्च कंसोल में जियोटारगेटिंग

यदि आपने .in या .co.in डोमेन ख़रीदा है और आपकी उसकी जियोटारगेट सेट करना चाह रहे हैं तो आपको यह विकल्प नहीं मिलेगा। क्योंकि गूगल सर्च कंसोल में ब्लॉग वेरीफ़िकेशन के समय ही आपका यह डोमेन स्वत: ही भारत के लिए जियोटारगेट कर लिया जाता है। यह बात हिंदी ब्लॉगिंग के लिए बहुत महत्व रखती है।

वेब होस्टिंग सर्वर की स्थिति

वेब होस्टिंग लेते समय हमें सर्वर किस देश का है इस बात पर भी ध्यान देना होता है। यदि आप किसी भी अंतरराष्ट्रीय वेब होस्टिंग बेचने वाली कम्पनी की वेबसाइट पर देखें तो आपको पता चल जायेगा कि वह यू.एस. और भारत दोनों देशों में स्थित सर्वर बेचते हैं। यदि आप भारतीय वेब होस्टिंग सर्वर लेते हैं तो सर्च इंजन बॉट्स उसकी आइपी का पता लगाकर भारत में आपके ब्लॉग की रैंक बढ़ा देते हैं।

बैकलिंक का महत्व

यदि आप भारत में अपना ब्लॉग लोकप्रिय करना चाह रहे हैं तो इसके लिए आवश्यक है कि आप भारतीय ब्लॉग, साइट और फ़ोरम से बैकलिंक प्राप्त करें। गूगल आज भी बैकलिंक को महत्त्वपूर्ण मानता है और आपके ब्लॉग पर आने वाले ट्रैफ़िक में इन बैकलिंक्स का बड़ा योगदान होता है। बैकलिंक्स प्राप्त करने के लिए आवश्यक है कि आप गेस्ट ब्लॉगिंग करें और अन्य ब्लॉगों पर कमेंट कीजिए। यह तरीका पेंग्विन पेनाल्टी से बचने का सबसे सही विकल्प है।

ब्लॉग पोस्ट और उसकी भाषा

आपकी पोस्ट में किस देश से जुड़ी सामग्री प्रकाशित की जा रही है। गूगल इस बात को भी ध्यान में रखता है। भारत के लिए टारगेट किए जा रहे हैं ब्लॉग के मेटा टैग्स में अगर भारत भी शामिल हो तो सर्च बॉट्स को साफ़ पता चल जाएगा कि आप भारत में अपना ब्लॉग लोकप्रिय करना चाहते हैं।

इसके अलावा ब्लॉग पोस्ट की सामग्री और ब्लॉग की भाषा का भी जियोटारगेटिंग में अपना स्थान होता है। इसलिए ज़रूरी है कि आप ब्लॉग पोस्ट में वाक्य छोटे व स्पष्ट रखें ताकि सर्च इंजन उनको ठीक से समझ सके और आप जियोटारगेटिंग का पूरा फायदा उठा सकें।

गूगल माइ बिजनेस और लोकल एसईओ

यदि आप प्रोफ़ेशनल ब्लॉगर और आपका अपना ऑफ़िस है तो आप Google My Business में रजिस्टर कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने ऑफ़िस का पता, फोन नम्बर, ऑफ़िस टाइमिंग आदि जानकारी देनी होगी। इस प्रकार गूगल में आपका बिजनेस लोकेशन को रजिस्टर हो जायेगा।

सोशल मीडिया बिजनेस पेज भी इस काम के लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं। इसलिए सभी लोकप्रिय सोशल मीडिया पोर्टल्स पर अपना बिजनेस पेज बनायें और क्षेत्र विशेष से अपने ब्लॉग को जोड़ें।

लोकल सर्च इंजन और और डायरेक्ट्री में ब्लॉग जमा करें

हर देश में क्षेत्रीय सर्च इंजन होते हैं और वेब डायरेक्ट्रीज़ होती हैं। अगर आप इन सर्च इंजन और डायरेक्ट्रीज़ में अपना ब्लॉग जमा करते हैं। तो आप अच्छा रिपांस पा सकते हैं। जिससे आप बेहतर जियोटारगेटिंग कर पायेंगे।

गूगल ट्रेंड्स से लोकप्रिय कीवर्ड देखें

यदि आप भारत में गूगल ट्रेंड्स का पेज देखें तो यह आपको उन कीवर्ड्स को दिखाएगा जो भारतीय गूगल सर्च इंजन में पॉपुलर हैं। आप इन कीवर्ड को प्रयोग करके भी अच्छी जियोटारगेटिंग कर सकते हैं। यानि जैसा मैंने पहले कहा था कि आपके ब्लॉग की पोस्ट सामग्री भी जियोटारगेटिंग में ज़रूरी है, यह बात उसी बात को साबित करती है।

इसलिए ज़रूरी है कि भारत में जियोटारगेटिंग करने वाले ब्लॉगर गूगल ट्रेंड्स से कीवर्ड का चुनाव करें।

भारत में प्रयोग किए कीवर्ड्स की प्रोग्रेस ट्रैक करें

अब तक आप जियोटारगेटिंग के बारे में बहुत कुछ जान चुके हैं। लेकिन आपने जो अब तक किया है वह आपके ब्लॉग के लिए काम कर रहा है या नहीं इसको भी ट्रैक करना होगा। SEMRUSH जैसे टूल्स इस काम में आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं। यह इसलिए क्योंकि यह भारतीय गूगल सर्च इंजन का समर्थन करते हैं।

इसलिए ब्लॉगिंग स्ट्रैटेजी में जियोटारगेटिंग का ध्यान रखें क्योंकि यह विज्ञापन या एफ़िलिएट मार्केटिंग में काफी सहायक साबित हो सकता है।

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