फ़्रीलांसर बनने के फ़ायदे और नुक़सान

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इंटरनेट शायद ही किसी और के लिए फ़ायदेमंद साबित हुआ हो जितना कि वह हर एक फ्रीलांसर के लिए हुआ है। फ़्रीलांसर वे लोग होते हैं जिनको किसी प्रोजेक्ट के लिए हायर किया जाता है। इन लोगों को ऑफ़िस आने की ज़रूरत नहीं पड़ती है, कम्पनी इन्हें प्रोजेक्ट में तय प्रतिशत लाभ देती है या फिर कॉन्ट्रैक्ट करती है। फ़्रीलांसर के तौर पर काम करने पर परम्परागत रूप से सैलरी नहीं मिलती है।

फ़्रीलांसर की जॉब

फ्रीलांसर बनने के नुक़सान

ऐसा माना जाता है कि फ़्रीलांसर के रूप में काम करना अच्छी बात है लेकिन किसी ऑफ़िस में जॉब करने की अपेक्षा इसमें इसमें कई कमियाँ होती हैं।

1. कड़ी मेहनत

जी हाँ, आपको काम करने के लिए स्थायी तौर पर नहीं रखा गया है इसलिए आपको अपना काम पूरा करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। साथ ही एक प्रोजेक्ट ख़त्म होने के बाद आपको दूसरा प्रोजेक्ट ख़ुद सर्च करके क्लाइंट को काम देने के लिए मनाना पड़ता है।

2. अस्थायित्व

फ़्रीलांसर होने का मतलब है कि आप ख़ुद रिस्क ले रहे हैं। जैसे कि हमने पहले कहा है कि सारा काम आपको ख़ुद करना होता है सो यहाँ कोई गारंटी नहीं होती है। हो सकता है कि आपके पास इस महीने कई प्रोजेक्ट मिल जायें और अगले महीने मुश्किल से एक प्रोजेक्ट मिले।

3. धोखा मिलने की संभावना

कुछ फ़्रीलांसर धोखेबाज़ी का शिकार हो जाते हैं। कभी क्लाइंट तो कभी बिचौलिया काम पूरा होने के बाद पेमेंट नहीं करता है। ऐसे में विश्वास बहुत मुश्किल बात बन जाती है।

4. बढ़ता कॉम्पिटिशन

आज कल ग्राफ़िक्स डिज़ाइनर्स, कंटेंट राइटर्स, एनीमेटर्स, वेब डिज़ाइनर्स और सभी जगहों पर भारी भीड़ है। इस वजह से फ़्रीलांसर को कम से कम दाम पर काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, दिन में काम ख़त्म करने के बाद कोई भूखा नहीं रहना चाहता है।

5. आर्थिक प्रोत्साहन की कमी

जब आपकी किसी कम्पनी के लिए नौकरी करते हैं तो आपको सैलरी के अलावा भी बहुत सी सुविधाएँ दी जाती हैं जैसे ऑफ़िस आने जाने के लिए गाड़ी, प्रोविडेंट फ़ंड, पेड छुट्टियाँ, मेडिकल बेनिफ़िट आदि अन्य लाभ। लेकिन फ़्रीलांसर के लिए ऐसी कोई सुविधा नहीं होती है। बहुत बार ऐसा भी होता है कि प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए फ़्रीलांसर को बहुत से पैसे खर्च करने पड़ जाते हैं।

फ़्रीलांसर की इंफ़ोग़्राफ़िक

फ़्रीलांसर बनने के फ़ायदे

अगर इन बातों को पढ़कर आपका मन दुखी हो रहा है तो आपको फ़्रीलांसिंग के फ़ायदे भी पढ़ लेने चाहिए।

1. आप बॉस होते हैं

जब आपको सब काम ख़ुद करने हों तो आप अपने बॉस बन जाते हैं। एक फ़्रीलांसर के रूप में आपको किसी प्रोजेक्ट को लेने या उसे छोड़ने की छूट होती है। आप अपने रूल्स ख़ुद बना सकते हैं।

2. कभी भी फ़ायदा मिल सकता है

ये सच है कि फ़्रीलांसिंग में आपको प्रोजेक्ट ख़ुद सर्च करना पड़ता है लेकिन अगर आपको एक बड़ा प्रोजेक्ट मिल जाए तो बहुत फ़ायदा मिल जाता है।

3. जब मन करे काम करो

फ़्रीलांसिंग में सबसे आराम की बात यही होती है कि जब मन करे काम करो। यह सच है कि आपके पास पेड छुट्टियाँ नहीं होती हैं, लेकिन आपको छुट्टी के लिए किसी के सामने हाथ भी नहीं जोड़ने पड़ते हैं। सबसे अच्छी बात यह होती है कि आपको दिन में कब काम करना है और कब नहीं इसे आप निर्धारित करते हैं, कोई दूसरा नहीं।

4. काम का दाम तय करने की छूट

आज में कॉम्पिटिशन बहुत बढ़ गया है और आपको दाम भी घटाने पड़ रहे हैं लेकिन किस काम का कितना दाम लेना चाहते हैं इसकी आपको छूट मिलती है। आप अपने क्लाइंट को अपनी वाकपटुता से मना सकते हैं कि उसे इस काम के इतने दाम क्यों देने चाहिए।

5. अपने काम का अपना ढंग

फ़्रीलांसिंग करने का एक फ़ायदा है कि आपको अपना काम अपने ढंग से करने की आज़ादी होती है। आप पैजामा पहनकर, बेड पर आराम से लेटकर या फिर किसी कॉफ़ी शॉप में कॉफ़ी सिप करते हुए अभी अपना काम कर सकते हैं। आपको क्या पहनना है और कहाँ बैठना है, ये आप ख़ुद डिसाइड करते हैं।

सभी काम और उनके तरीक़ों के अपने फ़ायदे और नुक़सान होते हैं अगर आपको अपना काम पसंद है जो ये सब बातें मामूली परेशानियाँ बन जाती हैं, जिन पर आपका ध्यान कभी नहीं जाता है।