फ्री वेबहोस्टिंग के साथ 5 समस्याएँ

वेबसाइट बनाने के लिए डोमेन और वेबहोस्टिंग लेनी पड़ती है। आज गूगल ब्लॉगर और वर्डप्रेस जैसे कई फ्री ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म हैं, जिन पर फ्री में ब्लॉग बनाया जा सकता है। इन्हें प्रयोग कर तो लें पर बहुत सी लिमिटेशंस में रहना पड़ता है। सेल्फ़होस्टेड वर्डप्रेस (Self hosted WordPress) से अच्छा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। आप एक डोमेन और वेबहोस्टिंग लेकर वर्डप्रेस इंस्टाल करके अपनी वेबसाइट या ब्लॉग चला सकते हैं।

आज दुनिया भर में ब्लॉगर, वर्डप्रेस.कॉम, टम्बलर जैसी फ्री ब्लॉग सर्विसेज ब्लॉग की दुनिया बड़ा सपोर्ट किया है। लेकिन फ्री वेबहोस्टिंग (Free webhosting) आखिर किस हद आपको सपोर्ट करेगी।

फ्री वेबहोस्टिंग के साथ समस्याएँ

फ्री वेबहोस्टिंग के साथ समस्याएँ

Problems with free webhosting

जब हम फ्री शब्द सुनते हैं तो हमको लगता है कि सबकुछ फ्री होगा। कुछ ऐसा ही फ्री वेबहोस्टिंग सुनकर उनकी लिमिटेशंस को जाने बिना हम उस पर ब्लॉगिंग शुरु कर देते हैं। बाद में लिमिटेशंस धीरे धीरे सामने आने लगती है। जिससे मन खट्टा हो जाता है। मैंने भी अपना ब्लॉग ब्लॉगर से ही शुरु किया था, उसकी सीमाओं में रहकर ब्लॉगिंग करना अच्छा अनुभव नहीं रहा। इसी तरह बहुत सी वेबहोस्टिंग सर्विसेज भी फ्री प्लान देने का दावा करती हैं। आइए जानें इसमें कितना सच है और क्या समस्याएँ आती हैं।

1. कभी भी ब्लॉग डिलीट हो सकता है

फ्री वेबहोस्टिंग सर्विसेज पर होस्ट किया गया ब्लॉग या वेबसाइट कभी भी डिलीट की जा सकती है। इसके साथ ही साथ वे अपनी सेवाएँ भी किसी समय बंद कर सकते हैं या उसे प्रीमियम करके आपसे पैसे माँग सकते हैं।

इसके साथ ही वे डेटाबेस बैकअप की सुविधा भी नहीं देते हैं। आप सिर्फ़ पोस्ट और कमेंट का बैकअप ले सकते हैं, होस्टेड इमेजेज का नहीं। ऐसा गूगल ब्लॉगर के साथ होता है। आप होस्टेड सारी इमेजेज एक साथ नहीं डाउनलोड कर सकते हैं।

उनके द्वारा सेवा समाप्त किए जाने की स्थिति में आप पुराने लिंक और बैकलिंक का भी लाभ नहीं ले पाएंगे। जिससे ब्लॉग की रैंक कम या खत्म हो जाएगी।

इस तरह का उदाहरण याहू जियोसिटीज़ के साथ अप्रैल 2009 में हुआ था। उन्होंने नए रजिस्ट्रेशन बंद करके पुराने कस्टमर्स को पेड वेबहोस्टिंग लेने के लिए कहा था।

इसके कुछ दिनों के बाद उन्होंने फ्री अकाउंट का डेटा डाउनलोड कर लेने के लिए कहा। जिन्होंने ऐसा नहीं किया आज उनके वेबपेज वे दुबारा नहीं पा सकते हैं। यह बहुत बड़ा नुकसान था। पहले जियोसिटीज़ पर एक हिंदी उर्दू डिक्शनरी थी जिसे मैं प्रयोग करता था लेकिन अब वह नहीं रही।

2. फ्री वेबहोस्टिंग बेचने की मनाही

यह बहुत कड़वी सच्चाई है। ब्लॉगर की गाइडलाइन में साफ़ साफ़ लिखा है कि आप वहाँ होस्टेड ब्लॉग किसी को बेच, शेअर और ट्रांसफर नहीं कर सकते हैं। यह आपकी नहीं गूगल की प्रापर्टी है।

आप बिना गूगल की जानकारी में आए ब्लॉग को दूसरे को बेच सकते हैं। लेकिन मामला प्रकाश में आते ही उसे बंद कर दिया जाएगा। जिससे खरीदने वाले का बड़ा नुक़सान होगा।

3. सुरक्षा की कमी

जी हाँ, फ्री सेवाएँ आपकी वेबसाइट की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अधिक खर्चा नहीं करती हैं। आप गूगल में सर्च करके फ्री वेबहोस्टिंग सर्विसेज की जानकारी हासिल कर सकते हैं। लेकिन इन पर विश्वास करना बहुत ही मुश्किल है। ये आपको डेटा का बैकअप नहीं लेते हैं, वह आपसे ही उम्मीद करते हैं कि नियमित बैकअप लें।

4. सर्वर रिसोर्स पर कंट्रोल का अभाव

आपके पास ब्लॉग डैशबोर्ड ज़रूर होता है। लेकिन कोई बैकेंड कंट्रोल पैनल नहीं होता है। जिस वजह से आप वेबहोस्टिंग सम्बंधित कोई बदलाव नहीं कर सकते हैं। बस पोस्ट बनाएँ और पब्लिश करें, इससे अधिक कुछ नहीं। थोड़ा बहुत थीम कस्टमाइज़ेशन कर सकते हैं लेकिन कोडिंग न आने पर वो भी संभव नहीं है।

अगर कभी किसी तरह की तकनीकी समस्या हुई तो उसे ठीक होने में 1 दिन या 1 साल भी लग सकता है। गूगल ब्लॉगर के साथ अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं।

5. फ्री सेवाओं पर विश्वास मत करें

आजकल लुभावने विज्ञापनों का ज़माना है। कोई भी सर्विस फ्री नहीं हो सकती है। सबको आपसे पैसे निकलवाने आते हैं, चाहे वो अभी ले लें या आज से 1 साल बाद लें।

जैसे वर्डप्रेस.कॉम पर लॉगिन यूज़र्स को विज्ञापन तो नहीं दिखते हैं लेकिन विज़िटर्स को दिखते हैं। इसलिए आपके ब्लॉग बनाने का सीधा फ़ायदा वर्डप्रेस.कॉम को होता है।

निष्कर्ष

अगर आप ब्लॉगिंग करके रुपये कमाना चाहते हैं तो सबसे पहले फ्री वेबहोस्टिंग सर्विसेज को भूल जाएँ। एक बजट बनाकर पेड वेबहोस्टिंग खरीदें, भले ही सस्ती हो। ताकि आपकी वेबसाइट आपकी प्रापर्टी रहे और वेबहोस्टिंग उसकी सुरक्षा की गारंटी भी दे।