स्टार्टअप की यूएसपी पता करने का तरीक़ा

जब ब्रैंड की स्थिति जानने की बात आए तो यूनीक सेलिंग प्वाइंट निर्णायक हो सकता है। आज एक ही प्रोडक्ट कैटेगरी में कई ब्रैंड्स सामान और सर्विस बेच रहे हैं लेकिन उनकी यूएसपी अलग अलग होती है। आपके बैंड का यूएसपी आपको भीड़ से अलग खड़ा करता है और आपको अलग पहचान देती है। इसलिए आपको स्टार्टअप की यूएसपी पता करना ज़रूरी है।

लेकिन प्रश्न ये उठता है कि आप अपने ब्रैंड की यूएसपी कैसे पता करेंगे? आइए हम आपको इसके लिए क्रमबद्ध तरीक़ा बताते हैं –

स्टार्टअप की यूएसपी पता करने के स्टेप

स्टार्टअप की यूएसपी

1. अपनी मज़बूत और कमज़ोर पक्षों की सूची बनायें

सबसे पहला और ज़रूरी स्टेप यह पता करना है कि किन चीज़ों में आपका पक्ष मज़बूत है और किन चीज़ों में अपना पक्ष मज़बूत करने की ज़रूरत है। आप अपनी सेवाओं को कम से कम समय में कैसे कस्टमर तक पहुँचा सकते हैं। इस स्टेप का उद्देश्य है कि आप अपने स्टार्टअप ब्रैंड को ठीक प्रकार से समझें और उसे वैसा रूप देने की कोशिश करें जैसा अपने हमेशा से चाहा था।

2. अनुभव और इमोशन के बीच चयन करें

इस बात से अंतर नहीं पड़ता है कि आप हेल्थकेयर, बैंकिंग या फ़ूड किस बिजनेस में हैं, ज्वाइंट एप्रोच हमेशा काम करती है। आपको पहले से सोचकर चलना चाहिए कि आपके स्टार्टअप की यूएसपी प्रैक्टिकल, इमोशनल या फिर दोनों का मिश्रण है।

उदाहरण के लिए – 4% की बजाय 6% ब्याज देना या साबुन में चौथाई मात्रा में दूध का होना एक प्रैक्टिकल यूएसपी है। जबकि ख़ुशियाँ बाँटना, विश्वास जीताना आदि सभी बातें इमोशनल यूएसपी के अंतर्गत आती हैं।

3. प्रतिस्पर्धियों पर स्टडी करें

एक बार अपने मज़बूत और कमज़ोर पक्षों की सूची बनाने और यूएसपी के प्रकार पर विचार कर लेने के बाद अब तीसरे स्टेप की बारी है। अपने प्रतिस्पर्धियों को क़रीब से स्टडी के जानना तीसरा स्टेप है। उनके बारे में रिसर्च कीजिए और उनकी यूएसपी की स्टडी कीजिए। इस स्टडी के बाद आप जान पाते हैं कि आपके प्रतिस्पर्धी कौन से फ़ीचर्स देते हैं और कौन से नहीं। इससे आपको अपने स्टार्टअप की यूएसपी और बिजनेस रणनीति बनाने में बहुत सहायता मिलेगी।

4. टारगेट कस्टमर्स से बात करें

अगर आप रिसर्च की पॉवर को कम आँकते हैं तो आप अपने पैरों पर स्वयं कुल्हाड़ी चला रहे हैं। रिसर्च करके टारगेट कस्टमर्स की इच्छा और माँगों को जानिए। आप उनसे बात कर सकते हैं या फ़ॉर्म भरवा सकते हैं, जिससे आप उनकी आवश्यकताओं का डेटा मिल जायेगा। इस फ़ीडबैक के हिसाब मार्केट में आप अपने स्टार्टअप की यूएसपी की योजना बनाकर उसे कार्यांवित कर सकेंगे।

5. स्वयं से प्रश्न पूछें

आपको स्वयं से कुछ सामान्य प्रश्न पूछने चाहिए ताकि आप कस्टमर्स पर पक‌ड़ बनाये रख सकें –

– आप क्या ऑफ़र कर सकते हैं?
– यह ब्रांड प्रोडक्ट और सर्विस में क्या वैल्यू एड करता है?
– क्यों ख़रीदें?

अपने ब्रांड को सावधानी से स्टडी करें और आपको सभी प्रश्नों के उत्तर मिल जायेंगे। एक बार आपको उपरोक्त प्रश्नों का सटीक जवाब मिल जाता है तो अपने स्टार्टअप की यूएसपी जान जाते हैं।

अगर आपके पास भी यंग ऑन्तराप्रनर्स के लिए कोई आइडिया है तो कमेंट करके हमें बताइए।