डिजिटल मार्केटिंग के लिए 5 टूल

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हम सभी मार्केटिंग स्ट्रेट्जीज़ की जादुई छड़ी को जानते हैं और गला काटनेवाला कॉम्पटीशन हो रहा है, साथ ही मार्केटिंग के लिए इंटरनेट एक बड़ा प्लेटफ़ॉर्म बन चुका है। जिसे डिजिटल मार्केटिंग का नाम दिया गया है। रोज़ ही जाने कितनी साइटें ऑनलाइन हो रही हैं और सोशल मीडिया की दुनिया में भी रोज़ कुछ न कुछ नया आ रहा है। इन पर नज़र बनाये रखने और नई डिजिटल मार्केटिंग ट्रेंड्स को जानने के लिए मार्केटर को अपने पैर के अंगूठों पर खड़ा रहने की ज़रूरत है।

आपका काम आसान बनाने के लिए हम आपको डिजिटल मार्केटिंग के 5 सबसे उम्दा टूल्स से अवगत करा रहे हैं, जिन्हें आज इंडस्ट्री प्रयोग कर रही है –

डिजिटल मार्केटिंग टूल

डिजिटल मार्केटिंग टूल्स

1. ईमेल कैम्पेन

प्रोफ़ेशनल रोज़ सुबह सबसे पहले अपना ईमेल बॉक्स चेक करते हैं। एक प्रभावशाली ईमेल कैम्पेन बहुत बढ़िया काम करती है अगर उसे सही तरह से ऑप्टीमाइज़, चैनलाइज़ और टारगेट किया जाए। आज Mailchip, Awber आदि सर्विसेज तरह तरह के पैकेज देती हैं, ताकि आप टार्गेट ऑडियंस को ईमेल न्यूज़लेटर भेज सकें।

2. फ़ेसबुक

दुनिया फ़ेसबुक पर है, आप कहाँ है? फ़ेसबुक की बात चलते ही यह युक्ति सार्थक हो जाती है। हर मिनट न जाने कितने लोग फ़ेसबुक से जुड़ रहे हैं, कहीं आपने से अनदेखा तो नहीं कर रखा है? चाहे आपको फ़ेसबुक पर एक विज्ञापन देना हो या फिर आपको एक पेज हैंडल करना हो, फ़ेसबुक को ध्यान में रखना ज़रूरी है।

3. गूगल एनालिटिक्स

ऑनलाइन डेटा की सही सही जानकारी रखना बेहद ज़रूरी है और इस काम में गूगल एनालिटिक्स बहुत काम का टूल है। डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया में गूगल एनालिटिक्स को एक बेस्ट टूल माना जाता है। इसका प्रयोग करके आप पता कर सकते हैं कि आपकी साइट पर कहाँ से ट्रैफ़िक आ रहा है, विजिटर आपके साइट विजिट करने पर क्या क्या करते हैं और आपकी साइट के कौन से पेज अच्छी तरह से काम कर रहे हैं? ऑनलाइन मार्केटिंग को समझने के लिए ज़रूरी है कि आप रोज़ एक बार गूगल एनालिटिक्स डैशबोर्ड खोलकर अवश्य देखें।

4. ट्विटर

डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया में ट्विटर को अनदेखा करना भारी पड़ सकता है। 300 मिलियन से भी ज़्यादा यूज़र ट्विटर पर मौजूद हैं, इसलिए इसमें कोई शक़ नहीं है कि आप अपना प्रोडक्ट और सर्विस बेचने के लिए उन्हें टारगेट कर सकते हैं। ट्विटर का अन्य फ़ायदा यह है कि आपको यूज़र्स को एक एक करके टारगेट कर सकते हैं और उन्हें बिना स्पैम किए हुए इंगेज कर सकते हैं।

5. ब्लॉग

ऊपर बताये गये टूल्स पर आपका कोई कंट्रोल नहीं हो सकता है, लेकिन जब बात अपने ब्लॉग की हो तो इस पर पूरी तरह से कंट्रोल होता है। जब आपकी वेबसाइट अपडेट की जाए तो उसकी अपडेट के बारे में उसके ब्लॉग पर भी डाला जाए; साथ ही ब्लॉग के एसईओ का भी पूरा ध्यान रखा जाए। इससे फ़र्क नहीं पड़ता है कि आप रियल स्टेट बिजनेस में हैं या कॉस्मेटिक बिजनेस में, अपनी वेबसाइट के साथ एक ब्लॉग रखना फ़ायदे की चीज़ साबित हो सकता है।

एक क्षण अपनी आँखें खुली रखकर डिजिटल मार्केटिंग ट्रेंड के बारे में अपडेट रहना बहुत ज़रूरी है। एक डिजिटल मार्केटर के रूप में आपको इन प्लेटफ़ॉर्म का फ़ंक्शन पता होना चाहिए और इन पर काम करने की टेक्नीक आनी चाहिए। अगर आप का फ़ेवरेट टूल इस पर नहीं है तो उसके बारे में कमेंट करके हमें बतायें।