प्रोफ़ेशनल ब्लॉगिंग, कमाई और समाज का नज़रिया

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हमारे देश में टाइमपास ब्लॉगिंग और प्रोफ़ेशनल ब्लॉगिंग के बीच का अंतर बहुत कम लोग समझते है। यदि आप किसी से कहें कि आप ब्लॉगिंग को प्रोफ़ेशनल करियर के तौर पर अपनाना चाहते हैं और बिना घर से बाहर निकले कमाना चाहते हैं तो आपके घर वाले, रिश्तेदार और दोस्त सभी आपको अनेक सलाहें देने लगेंगे। उन्हें यह यक़ीन दिलाना कि ब्लॉगिंग से घर चलाया जा सकता है, आपको नामुमकिन-सा लगेगा। हालँकि भारतीय समाज में तकनीक ने पहले की अपेक्षा काफी तेज़ी से पैर पसारे हैं। लेकिन लोग ब्लॉग लिखना सिर्फ़ शौक है ऐसा मानने वालों की संख्या बहुत अधिक जो आपके काम में टाँग अड़ाते रहते हैं। आपके सुबह आफ़िस न जाने को बेरोज़गारी मानते हैं। आइए इस लेख में ब्लॉगिंग और बेरोज़गारी से सम्बंधित अन्य भ्रांतियों को जानने का प्रयास करते हैं|

इंटरनेट युग आ चुका सारी दुनिया एक दुसरे से तकनीक रूप से एक नज़र आने लगी है, लेकिन यदि आप ये कहें कि आप घर बैठे किसी दूसरे देश के लोगों के साथ ऑनलाइन ब्लॉगिंग बिज़नेस कर रहे हैं तो लोग अपनी आँखें छोटी कर लेते हैं क्योंकि उनकी नज़र में ये कोई उपलब्धि नहीं है।

इसका प्रमुख कारण भारतीय समाज में नौकरी को लेकर व्याप्त रुढ़िवाद है। आज भी हमारे पड़ोसी और कई रिश्तेदार कम्प्यूटर शिक्षित नहीं हैं जो कि एक जेनेरेशन गैप को जन्म देता है।

भारत में प्रोफ़ेशनल ब्लॉगिंग के क्या मायने हैं?

Attitude of Indian Society towards professional blogging

Blogging Skills And Earning

आप जीवन भर घर बैठकर नहीं कमा सकते हैं –

You can’t earn from home life long

रुढ़िवादी समाज सुबह 10 से शाम 5 की घर से बाहर जाकर नौकरी करने को ही कमाने का ज़रिया मानता है। भारत में लोग आज भी हजम नहीं कर पाते हैं कि आप घर बैठकर उनसे ज़्यादा कमा लेते हैं। जब कभी सैलरी की बात आती है तो आपकी कमाई को वह सैलरी नहीं मानते हैं। बड़ी बात तो यह है कि वो इसे बिज़नेस भी नहीं मानते हैं।

यदि आपने अभी-अभी ग्रैजुएशन पूरा किया है और घर बैठकर कमाना चाहते हैं तो यह बात आपके घर वालों और रिश्तेदारों को बिल्कुल समझ में नहीं आयेगी। कहेंगे घर बैठे रहोगे तो शादी के लिए अच्छा रिश्ता नहीं मिलेगा, समाज तुम्हें कभी कमाऊ नहीं समझेगा। आप समाज के दबाव को कितना झेल सकते हैं यह निर्भर करता है आपके घर के सदस्यों पर, क्योंकि आप उनसे जुड़े हैं। जब वो ख़ुद को शर्मिंदा समझते हों तो आप गर्दन उठाकर कैसे चल सकते हैं।

भारत में ऑनलाइन कमाई को आमदनी का प्रमुख स्रोत नहीं माना जाता है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में इंटरनेट प्रयोग करने वालों की संख्या बहुत कम है। सिर्फ़ शहरों में ही इंटरनेट का प्रचलन अधिक है। इसे आप कमी के रूप में भी देख सकते हैं या सम्भावनाएँ भी खोज सकते हैं।

लोग ब्लॉगिंग को बिज़नेस नहीं मानते हैं

Blogging can’t take place of Business

मैं प्रोफ़ेशनल ब्लॉगिंग में सात साल से भी ज़्यादा समय बिता चुका हूँ लेकिन जब कोई मुझसे पूछता है कि मैं क्या करता हूँ तो उन्हें ब्लॉगिंग के बारे में समझाना कठिन हो जाता है क्योंकि ज़्यादातर लोगों को ब्लॉगिंग के बारे में ठीक से कुछ भी नहीं पता है वो इसे सिर्फ़ टाइम पास बोलते हैं और आपको काम-धंधा खोजने की सलाह देने से नहीं चूकते हैं। वो आपको बताने लगते हैं उनका जानने वाला कोई सरकारी नौकरी में अफ़सर हो गया या फिर विदेश में अच्छी कमाई कर रहा है। तुम इनसे कुछ सीख लो, जीवन में आगे बढ़ो।

भारत में अधिकांश प्रोफ़ेशनल ब्लॉगर दूसरों के सामने ख़ुद को वेबसाइट डिवेलपर बताते हैं या फिर ऐसा ही कुछ मिलता जुलता जो सामने वाले को आसानी से समझ आ जाये।

ब्लॉगिंग और समाज की पॉज़िटिव सोच

Blogging and Positive thinking of society

शायद आगे आने वाले समय में प्रोफ़ेशनल ब्लॉगर समाज में अपनी स्थिति को मजबूत बना सकें और गर्व से कह सकें कि वो प्रोफ़ेशनल ब्लॉगर हैं। ये समाज के सामने नज़र चुराने का खेल ख़त्म हो जायेगा। इसके लिए आपको ही पहल करनी होगी –

Career Blogging and Society

1. अपने सभी जानने वालों को ब्लॉगिंग से जुड़ी पॉज़िटिव बातें बतायें। उन्हें ब्लॉगिंग से अतिरिक्त कमाई कराने की कोशिश करें। जिससे उनके नज़रिए में बदलाव आ सके। आख़िए पैसा किसी को काटता है क्या!!!

2. ब्लॉगिंग सिर्फ़ कविताएँ छापना या फिर अपने ख़याल दूसरों तक पहुँचाने के लिए नहीं है बल्कि आप अपना ज्ञान दूसरों के साथ बाँट सकते हैं और उनके काम आ सकते हैं। जिससे ब्लॉगिंग समाज में आपकी एक पहचान बन सकती है। बड़े प्रोफ़ेशनल ब्लॉगर अपने नॉलेज और नाम के दम पर ही ऑनलाइन आमदनी कर पाते हैं।

3. भारतीय ब्लॉगिंग के नामी-गिरामी नाम एक महीने में ही लाखों कमा लेते हैं जो किसी नौकरी पेशा व्यक्ति की साल भर ही आमदनी के बराबर हो सकता है। लेकिन ब्लॉगिंग की शुरु करने के बाद बिजनेस की तरह कड़ी मेहनत और इनवेस्टमेंट भी करना पड़ता है। साथ आमदनी में उतार चढ़ाव होता है इसे भी नकारा नहीं जा सकता है।

बड़ी-बड़ी कम्पनियाँ ब्लॉगिंग की ताक़त समझ चुकी हैं

Top companies know the power of blogging today

सोशल मीडिया और ब्लॉगिंग से भारतीय मार्केट प्रभावित होता है इस बात को अनेक पीआर कम्पनियाँ समझ चुकी हैं। इसलिए वो सोशल मीडिया और ब्लॉग के ज़रिए अपने ग्राहकों के साथ जुड़े रहना चाहती हैं ताकि बिज़नेस को बढ़ाने में मदद मिले।

आज टेक गैजेट बनाने वाली लगभग सभी कम्पनियाँ ब्लॉगिंग के माध्यम से मोबाइल, लैपटॉप आदि गैजेट्स की अच्छी मार्केटिंग कर पाने में सफल हो रही हैं। जिससे उनके गैजेट की सेल बढ़ रही है।

ख़ास इनपुट

Important points to be noted

Scope of blogging

1. भारत में ब्लॉगिंग को अभी शुरुआती चरण में है इसलिए इसमें बहुत स्कोप है।

2. ब्लॉगिंग शुरु करने के लिए फंड के साथ-साथ सही मार्गदर्शक की बहुत आवश्यकता है

3. ब्लॉगिंग करने की सही विषय का चुनाव बेहद आवश्यक है, हर विषय आपको आमदनी कराये ये ज़रूरी नहीं है।

4. ब्लॉगिंग शुरु करने से पहले अपनी रुचि और क्षमता को परखना भी बहुत ज़रूरी है।

अंत में –

Final verdict

भारत में सीरियस प्रोफ़ेशनल ब्लॉगर्स की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है, और आज के ब्लॉगर्स दुनिया को ये समझा सकते हैं ब्लॉगिंग बिजनेस है और इससे कमाई की जा सकती है।

आप अपने ब्लॉगिंग अनुभव नीचे टिप्पणी लिखकर हमसे शेअर कर सकते हैं।

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