बाउंस रेट कम करने के 8 तरीके

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आपके वेबपेज पर आने वाले विज़िटर्स अगर उसे बिना पढ़े ही बंद कर दें तो इसे तकनीकी भाषा में बाउंस कहते हैं। आपने पिछले लेख में जाना था की बाउंस रेट क्या है| वेबपेज को तुरंत बंद करने वाले और महीने भर के कुल विजिटर्स का जो प्रतिशत होता है, बाउंस रेट कहलाता है। अगर आपकी वेबसाइट पर 30% से कम बाउंस रेट है तो आपकी मेहनत सफल है। अगर 60% से ज़्यादा है तो थोड़ी मेहनत औरकरनी पड़ेगी।

बाउंस रेट की गणना

बाउंस रेट = (वेबपेज तुरंत बंद करने वाले विज़िटर्स की संख्या / एक महीने में जितने विज़िटर्स आपके वेबपेज पर आए)* 100

बाउंस रेट कम करना

बाउंस रेट कम करने के टिप्स

1. सही वेब डिज़ाइन

वेब डिज़ाइन करते समय विज़िटर्स की पसंद वाले ग्राफ़िक्स का प्रयोग करें। भड़कीले और चटक रंगों के प्रयोग से बचें। वेबसाइट जितनी साधारण होगी उसे एक्सेस करना उतना आसान होगा।

2. विज़िटर्स के मतलब का कंटेंट

वेबसाइट पर अपने नहीं विज़िटर्स के मतलब का कंटेंट प्रकाशित कीजिए। अच्छे से अच्छा लिखने की कोशिश करें। बातों को स्पष्ट और सरल शब्दों में बताएँ।

3. मल्टीमीडिया का प्रयोग

वेबसाइट पर मल्टीमीडिया का प्रयोग करके विज़िटर्स को रोका जा सकता है। पढ़ने से कहीं ज़्यादा आसान देखना और सुनना होता है। इसलिए अच्छे पिक्चर, ऑडियो और विडियो का प्रयोग करना मत भूलें।

4. पेज लोड टाइम कम रखें

पेज लोड टाइम को ऑप्टिमाइज़ करना बेहद ज़रूरी है। मल्टीमीडिया के प्रयोग से पेज लोड टाइम बढ़ जाता है। अगर पेज खुलने में अधिक समय लगा तो विज़िटर्स दूसरी वेबसाइट पर चला जाएगा।

5. कीवर्ड का प्रयोग

आप कीवर्ड रिसर्च टूल्स का प्रयोग करके अपने टॉपिक से संबन्धित कीवर्ड्स सर्च कर सकते हैं। कीवर्ड पाठकों को आकर्षित करते हैं लेकिन भ्रामक कीवर्ड डालकर पाठकों को वेबपेज तक न लाएँ। कोई काम की जानकारी न मिलने पर वह पेज को फौरन बंद कर देंगे। जिससे बाउंस रेट बढ़ता है।

6. मोबाइल फ्रेंडली साइट

आपको अपनी साइट को मोबाइल फ्रेंडली बनाना चाहिए। जिससे मोबाइल विज़िटर्स आपके बेवपेज को धीमे इंटरनेट पर भी पढ़ सकें।

7. लम्बे आर्टिकल्स

हर वेब पेज पर न्यूनतम 300 शब्दों जानकारी देनी चाहिए। जिससे पाठक को पढ़ने में समय लगे और बाउंस रेट कम हो सके।

8. कैटेगरी कम रखें

कैटेगरी अधिक होने से हर कैटेगरी में कंटेंट कम हो जाता है। जिससे विज़िटर्स को लगता है कि साइट पर कंटेंट कम है। विज़िटर्स के पेज बंद कर देने का यह प्रमुख कारण है। कैटगरी कम हों तो विज़िटर्स को अपनी पसंद की कैटगरी में रुकने का मन बन जाता है।