एक पोस्ट ख़ास चिट्ठा चर्चा ब्लॉगों के लिए

Blog Discussions

Blog Post’s Discussion – Make it Search Friendly

आज कल चिट्ठा चर्चा ^, चर्चा मंच ^, नयी-पुरानी हलचल ^ जैसे अन्य कई महत्वपूर्ण चिट्ठे भारतीय चिट्ठा जगत के बेहतरीन चिट्ठाकारों की कृतियों का उल्लेख करते हैं जिससे चिट्ठाकारों को नये-नये पाठक मिलते हैं और उनकी कृतियाँ अंतर्जाल पर जन-जन तक पहुँचती हैं। कभी-कभी तो बात इससे ज़्यादा बढ़कर मीडिया और राष्ट्रीय पुरस्कारों तक पहुँच जाती है। लेकिन यदि आप इंटरनेट तकनीक (Web technology) के ज्ञाता हैं या आप इसका थोड़ा भी अनुभव रखते हैं तो आपको यह पता चलेगा कि सच में ऐसे चिट्ठा चर्चा चिट्ठों की हालत गूगल और अन्य सर्च इंजनों में बहुत ही ख़स्ता है। इन्हें सर्च इंजनों से कोई वास्तविक लाभ नहीं प्राप्त हो पाता है। ये बस एक सामूहिक चिट्ठे बनकर रह गये हैं जिनपर जिस चिट्ठे की चर्चा गयी हो या अन्य दो-चार लोगों के कमेंट प्राप्त हो जाते हैं। बाक़ी तक तो उनकी बात पहुँच ही नहीं पाती है।

Group Discussions

पहले भारतीय चिट्ठाजगत में ब्लॉगवाणी ^ नाम का एक ब्लॉग संकलक (Blog aggregator) था जिस पर रजिस्टर हो चुके चिट्ठों की पोस्ट प्रकाशन के तुरंत बाद दिखती थे। लेकिन आज वैसा कोई विकल्प नहीं है। जो विकल्प हैं भी जैसे हमारीवाणी ^ तो वो भी विजेट लगाकार उसपर क्लिक करों तभी पोस्ट दिखाता है ऐसा पोस्ट शेड्यूल (Post schedule) करने वालों के लिए मुमकिन नहीं हो पाता है क्योंकि इसका वास्तविक लाभ तभी मिलता है कि जब पोस्ट प्रकाशित की हो तभी क्लिक करें क्योंकि 6-8 घंटों बाद पोस्ट स्वत: दूसरे पृष्ठ पर खिसक जाती है चाहे आप क्लिक ही क्यों न कर दें। फिर इन संकलकों का स्थान चिट्ठा चर्चा ब्लॉग ही ले सकते थे लेकिन वेब तकनीक की जानकारी न होने से और गूगल के खोज नियमों में परिवर्तन होने से इनसे भी कुछ खास नहीं हो पाया।

आख़िर चिट्ठाचर्चा करने वाले ब्लॉग सर्च इंजन पर अपनी पकड़ क्यों नहीं बना पाते हैं? इसके पीछे क्या रहस्य छुपा है? इस बात पर बहुतों का ध्यान कम ही जाता है। इसका सबसे प्रमुख कारण है गूगल, बिंग और याहू जैसे सर्च इंजन (Search engine) इन चिट्ठों को स्वत: सर्च में नीचे ढकेल देते हैं। अरे आप अब आश्चर्यचकित न हो जायें। इसके लिए स्वयं चिट्ठा चर्चा लिखने वाला ही दोषी होता है चाहे उसने गलती जानकर की हो या अन्जाने में।

आख़िर वो कौन-सी ग़लतियाँ हैं जिनसे चर्चा चिट्ठाकारों को बचना चाहिए। आइए आज इसकी चर्चा करते हैं। गूगल और अन्य सर्च इंजनों ने खोज के लिए नये मापदण्ड तय किये हैं और इनमें निरंतर बदलाव किया जाता रहता है ताकि किसी पोस्ट या लेख के वास्तविक लेखक व ब्लॉग को सर्च इंजन में प्रथम पृष्ठ में सबसे पहला स्थान मिले। अब आपको बात कुछ-कुछ समझ आने लगी होगी। तो आप अबसे जब चर्चा करें तो –

इन सर्च इंजन नियमों का पालन अवश्य करें

  1. जब आप किसी पोस्ट को चर्चा के लिए चुनते हैं तो उस पोस्ट का शीर्षक जैसा वास्तव में हो न रखें। उसकी शुरुआत में लेखक का नाम रखें या शीर्षक को थोड़ा बदलकर लिखिए।
  2. पोस्ट की सामग्री को जैसे का तैसा कॉपी करके न लिखें। पोस्ट सामग्री को संक्षिप्त में अपने शब्दों में वयक्त कीजिए।
  3. लिंक को पोस्ट शीर्षक में न लगायें बल्कि ‘पूरी पोस्ट यहाँ पढ़ें’ या ‘अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें’ जैसे वाक्यों का प्रयोग करें।
  4. सदैव वास्तविक पोस्ट लिंक प्रयोग करें। दिये जा रहे पोस्ट लिंक में फ़ीड लिंक का इस्तेमाल न करें जो कि अक्सर ईमेल सब्सक्रिप्शन (Email Subscription) से लिंक को कॉपी करने पर मिलता है।
  5. वास्तविक पोस्ट लिंक का उदा. –

    http://techprevue.blogspot.in/2012/12/5-best-cloud-storage-services.html

    फ़ीड लिंक का उदा. –

    http://feeds.feedburner.com/~r/TechPrevue/~3/wVJwm1AGSzE/top-reviewers-gadget-blogger.html?utm_source=feedburner&utm_medium=twitter&utm_campaign=vinayprajapati
  6. दिये जा रहे पोस्ट लिंक हमेशा नयी विंडो में खुलें इसके लिए target=’_blank’ का प्रयोग कीजिए
  7. target=’_blank’ का उदा. –

    <a href='https://hindi.techprevue.com/search/label/SEO' target='_blank'>Read more...</a>

हम जो पहले कर रहे थे उसमें क्या गलत था? आख़िर आपने जो बताया इससे क्या अंतर आयेगा?

जब आप उपरोक्त बातों का ध्यान नहीं रखते हैं तो सभी सर्च इंजन आपके ब्लॉग पर दी सामग्री और लिंक को चुराया हुआ या दोहराया हुआ मानते हैं, क्योंकि हर चर्चा वास्तिवक लेख को सर्च इंजन में शामिल कर लिये जाने के बाद ही आती है। इससे आपका चर्चा करना आपके ब्लॉग के लिए अभिशाप बन जाता है और सर्च इंजन आपको खोज परिणामों में नीचे ढकेलते चला जाता है। यदि आप थोड़ी-सी सतर्कता बरतें तो आपकी मेहनत आपके लिए और चर्चित ब्लॉग के लिए किसी आशीर्वाद में कम नहीं होगी। आपके चर्चा का उद्देश्य सदैव अपने चर्चा ब्लॉग की गुणवत्ता को बनाये रखना और जिस ब्लॉग की चर्चा कर रहे हैं उसके ब्लॉग पर पाठक भेजना होना चाहिए। तभी आपका कार्य पूरा होता है। यदि आप गूगल जैसे सर्च इंजनों की बात नहीं मानेंगे तो आपका चिट्ठा चर्चा करना सदैव व्यर्थ ही रहेगा। आखिर आपके ब्लॉग की रैंक तभी सुधरेगी जब आपके ब्लॉग पर ऑरगैनिक ट्रैफ़िक [^] (Organic Search Traffic) बढ़ेगा। तभी आप विज्ञापन पाने और उससे कुछ कमाई कर पाने में स्वयं की कुछ मदद कर पायेंगे।

एक आदर्श चिट्ठा चर्चा के लिए पोस्ट ब्लॉक

आप नीचे दिये जा रहे पोस्ट ब्लॉक के उदाहरण का प्रयोग करके SEO friendly एक सार्थक चर्चा कर सकते हैं। जिसके लिए जितनी पोस्टों की चर्चा की जा रही हो उनके लिए दिये उदाहरण अनुरूप पोस्ट ब्लॉक रखिए।

<h3>Author's Name - Post title</h3>
<p>Post Summary in your own words</p>
<a href="posturl" target="_blank">Read more text</a>

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