ऐडसेंस रेवेन्यू बढ़ाने के बेसिक और एडवांस टिप्स

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ऐडसेंस प्रयोग कर रहे हैं तो आप रेवेन्यू भी बढ़ाना चाह रहे होंगे। आज हम आपके साथ ऐडसेंस रेवेन्यू बढ़ाने की टिप्स शेअर कर रहे हैं। आप भी मानते होंगे कि ऐडसेंस सबसे बढ़िया ऐड नेटवर्क में से एक है।

आइए ऐडसेंस रेवेन्यू बढ़ाने के लिए कुछ बेसिक और एडवांस टिप्स सीखते हैं।

आप ऐड यूनिट कहाँ लगाते हैं, इस पर भी आपकी कमाई बहुत हद तक निर्भर करती है। लेकिन आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि कहीं आपसे ऐडसेंस पॉलिसी का उल्लंघन न हो जाए। इसलिए ऐसी जगह ऐड न लगाएँ जिससे यूज़र्स उन पर क्लिक करने के बाध्य हों या आप उनसे क्लिक करने का अनुरोध करें।

उपरोक्त बातों के साथ ऐडसेंस का नया इंटरफ़ेस कुछ आसान विकल्पों के साथ उपलब्ध है जो आपकी कमाई बढ़ाने में मदद करेगा।

ऐडसेंस रेवेन्यू बढ़ाएँ
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ऐडसेंस रेवेन्यू बढ़ाने के टिप्स

आमतौर पर ब्लॉग से होने वाली कमाई को ट्रैफ़िक के अनुपात में देखा जाता है, यानि जितना अधिक ट्रैफ़िक उतनी अधिक कमाई। लेकिन ऐडसेंस के सम्बंध में यह फ़ार्मूला बिगड़ जाता है। गूगल ऐडसेंस से आमदनी को प्रभावित करने वाले कई कारण हैं। ऐड यूनिट पेज पर कहाँ लगी है, ऐड किस प्रकार का है, ट्रैफ़िक किस प्रकार का है और ऐडसेंस सीपीसी कितना मिल रहा है।

अगर आप कीवर्ड रिसर्च कर रहे है, और सीपीसी पर नज़र गड़ाए हुए तो आपको ज़्यादा सीपीसी कहीं नहीं गया है। अगर आप ज़्यादा सीपीसी पाना चाहते हैं, तब शब्दों की संख्या, कीवर्ड और विज्ञापनों पर होने वाले क्लिक ज़्यादा होने चाहिए।

इसके अलावा आप ज़्यादा अच्छे कीवर्ड को एसईएमरश टूल के प्रयोग से ढूँढ़ सकते हैं।

तकनीकी ब्लॉग लिखने वालों के ऐडसेंस की परफ़ार्मेंस उतनी अच्छी नहीं है, जितनी आप सोचते हैं। लेकिन फिर भी कुछ बातों का ध्यान रखकर आप अपनी आमदनी हो बढ़ा सकते हैं।

1. ऐड साइज़ और स्थान

अधिक और कम सीपीसी मिलने में इसका बड़ा योगदान है। आपको विज्ञापन अपने कंटेंट के साथ मिलाकर और एबव द फ़ोल्ड रखना चाहिए। एबव द फोल्ड ज़्यादा अच्छा काम करता है। लेकिन ऐसा हर कैटेगरी के ब्लॉग के लिए सही हो, यह बात सच नहीं है। कुछ कैटेगरियों में बिलो द फ़ोल्ड भी अच्छे क्लिक और सीपीसी मिलता है।

आप अपने ऐड यूनिट को ब्लॉग कलर और डिज़ाइन के साथ ब्लेंड कर सकते हैं।

बहुत से ब्लॉगर्स लिंक ऐड्स को इग्नोनर करते हैं। उन्हें मालूम नहीं है कि ठीक से ऑप्टिमाइज़ करने पर उनका सीटीआर हमेशा एक सा बना रहता है। बड़े वेबसाइट्स पर आपको इनको हेहर के नज़दीक लगाती हैं।

जब आप ऐडसेंस के लिए वेबसाइट डिज़ाइन कर रहे हैं तो आपको ऐडसेंस हीटमैप को दिमाग़ में ज़रूर रखना चाहिए। इससे आप अच्छी ऐडसेंस रेवेन्यू के लिए वेबडिज़ाइन कर पायेंगे।

ऐडसेंस के कुछ बेस्ट ऐड साइज़ हैं जो अच्छा रेवेन्यू देते हैं:

– 336*280
– 300*250
– 728*90
– 160*600
– 320*100 (मोबाइल पेज पर)

इन्हें प्रयोग करने के बाद आप सीख जाएंगे कि ऐडसाइज़ का महत्व क्या है?

2. अमेरिकी और ऑर्गैनिक ट्रैफ़िक

सर्च इंजन से आपके ब्लॉग पर पहुंचने वाले रीडर्स जब ऐड्स पर क्लिक करते हैं तब सीपीसी ज़्यादा मिलता है। साथ ही इंट्रेस्ट बेस्ट ऐड्स भी डायरेक्ट ट्रैफ़िक आने पर कम सीपीसी देते हैं। लाखों विज़िटर्स का ट्रैफ़िक होने के बावजूद भी लोग कम सीपीसी मिलने की शिक़ायत करते हैं। इसका राज़ ट्रैफ़िक कहाँ से आ रहा है, इसमें छुपा है। आप अमेरिकी और यूरोपीय ट्रैफ़िक को अपनी साइट पर लाने की कोशिश कीजिए, सीपीसी ख़ुद बढ़ जाएगा।

ऑन-पेज एसईओ ऑप्टिमाइज़ेशन करके आपको फ़ायदा मिल सकता है।

3. ऐडसेंस फ़ॉर सर्च

ऐडसेंस से कमाने के लिए कई रास्ते हैं, जिनमें से एक ऐडसेंस फ़ॉर सर्च भी है। यह आपको कमाई के साथ-साथ यूज़र नेवीगेशन में भी मदद करता है।

4. कीवर्ड टारगेटिंग

ऐडसेंस आपकी ब्लॉग पोस्ट के आधार पर विज्ञापन दिखाने की कोशिश करता है और इसमें वह हेडर और फ़ूटर में शामिल जानकारी का भी ध्यान देता है। इसलिए अच्छे विज्ञापन दिखाने के लिए अच्छे और कीवर्ड ओरिएंटेड कंटेंट पब्लिश कीजिए।

5. इमेज और टेक्स्ट ऐड

आमतौर पर आप सुनते होंगे कि इमेज ऐड ज़्यादा आमदनी कराते हैं। एक तरह के ऐड या किसी कैटेगरी के ऐड ब्लॉक करके आप विज्ञापनदाताओं के बीच की प्रतिस्पर्धा कम करते हैं, जिससे आपके ऐड का सीपीएम घट जाता है। मैं आपको डिफ़ाल्ट इमेज/टेक्स्ट ऐड यूनिट प्रयोग करने की सलाह दूंगा।

6. पोस्ट के बीच में विज्ञापन

ऐडसेंस रेवेन्यू बढ़ाने के लिए आपको वेबसाइट बैकग्राउंड और कलर्स से मैचिंग स्टैंडर्ड ऐड यूनिट या टेक्स्ट ऐड यूनिट का प्रयोग पोस्ट के बीच करना चाहिए। आप साथ में कुछ इमेज भी प्रयोग कर सकते हैं, जिससे रीडर्स का यूज़र एक्सपीरियंस अच्छा हो जाएगा। ऐड्स और कंटेंट के बीच थोड़ी गैपिंग रखनी चाहिए, ताकि ऐडसेंस वाइलेशन न हो।

7. ऐडसेंस चैनेल

यह वह फ़ीचर है जो बहुत से ब्लॉगर प्रयोग नहीं कर रहे हैं या करना जानते नहीं हैं। जब आप कोई चैनेल बनाते हैं तो आपको ऐड टाइप के बारे में अधिक जानकारी देने का मौक़ा मिलता है, और उसके बाद आप मार्केट में अपने ऐड ऑक्शन के लिए उतर सकते हैं। इससे कॉप्टीशन बढ़ जाएगा, और ऐड वैल्यू बढ़ जाएगी। आपको कस्टम चैनेल बनाने का विकल्प ऐडसेंस डैशबोर्ड में माइ ऐड्स के अंतर्गत मिल जाएगा। इसके बाद आपको पढ़ पढ़के सारी जानकारी भरते जानी है, और ऐड यूनिट को उस चैनेल से जोड़ते जाना है।

8. ब्लैकलिस्ट लो सीपीसी यूआरएल

बहुत से एडवर्टाइज़र्स ऐसे होते हैं, जो बहुत कम सीपीसी देते हैं। आपको ऐसे एडवर्टाइज़र्स की पहचान करनी होगी और उन्हें ब्लॉक करना पड़ेगा। मैंने भी ऐसे कुछ ऐडवर्टाइज़र्स को ब्लॉक करके आमदनी में अच्छा इज़ाफ़ा किया। सभी ब्लॉगों के लिए ये ऐडवर्टाइज़र्स अलग अलग हो सकते हैं।

9. कैटेगरी ब्लॉकिंग

कम सीपीसी वाले एडवर्टाइज़र्स को पहचाननें की बजाय किसी सर्टेन कैटेगरी के ऐड्स को ब्लॉक करना कहीं ज़्यादा आसान है। आप चेक कर सकते हैं किस कैटेगरी के विज्ञापन कम सीपीसी दे रहे हैं। मैंने उन कैटगरियों को ब्लॉग किया है, जिनसे कमाई कम होती है लेकिन वह ब्लॉग पर ज़्यादा दिखते हैं। इसे अलाउ और ब्लॉक ऐड्स पेज से भी कंफ़ीगर किया जा सकता है।

10. ऐडसेंस फ़ॉर यूटूब

यूटूब पर वीडियो अपलोड करके भी कमाई की जा सकती है। इसके लिए आपको अपने ख़ुद के बनाए वीडियो अपलोड करने चाहिए। थोड़े से प्रमोशन से आप अच्छी कमाई कर सकते हैं।

11. एक्सपेरीमेंट

जिनके ऐडसेंस कमाई का अकेला ज़रिया है, उन्हें ऐडसेंस एक्सपेरीमेंट का प्रयोग करना चाहिए। इससे आपको पता चलेगा कि किसी फ़ार्मेट के ऐड्स से आप ज़्यादा कमा सकते हैं।

आप अपने एक्सपीरियंस हमारे पाठकों के साथ शेअर कर सकते हैं।

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