दोस्तों, पिछले आर्टिकल में मैंने ब्लॉगर्स को 18% जीएसटी देने की बात बताई थी। कई ब्लॉगर्स ऐडसेंस इनकम कर रहे हैं, इसलिए सोच रहे हैं कि जीएसटी के लिए रजिस्ट्रर तो नहीं करना होगा। इसके अलावा एफ़िलिएट मार्केटिंग वाले ब्लॉगर्स भी थोड़ा कंफ़्यूज़ हैं। आइए इस बारे में कम शब्दों में सॉलिड बात करते हैं।

ऐडसेंस इनकम पर जीएसटी कब देना है?

अगर अपने ऐडसेंस अकाउंट बनाते पेमेंट रुपये में लेने का विकल्प डाला होगा और आपके खाते में गूगल ऐडसेंस से आने वाली इनकम रुपये में आती है। न कि डॉलर से कनवर्ट होकर रुपये में तो आपको 18% जीएसटी देना होगा।

भले ही आपको ऐडसेंस इनकम साल में एक बार क्यूँ न मिलती हो, पर आपको 12 महीने में कुल 72 जीएसटी रिटर्न भरने ही होंगे।

लेकिन एक बात स्पष्ट कर दूँ, जिनके एकाउंट में इनकम डॉलर में आकर रुपये कनवर्ट हो रही है, उनको घबराने की ज़रूर नहीं है, उन्हें एक्सपोर्ट ऑफ़ सर्विसेज के नियम से छूट मिलेगी। वो भी सिर्फ़ 20 लाख तक उसके ऊपर एक पैसे भी हुए तो 18% जीएसटी देना ही पड़ेगा।

वेबहोस्टिंग सर्वर इंडिया में है तो जीएसटी देना होगा

एक्सपोर्ट ऑफ़ सर्विसेज के नियम से छूट भी तभी मिलेगी जब आपका साइट की वेब होस्टिंग सर्वर इंडिया में न हो। अभी शुरुआत है, इसलिए जिन ब्लॉगर्स ने इंडियन सर्वर खरीदें हैं वो यूएस सर्वर पर वेबसाइट ट्रांसफर यानि माइग्रेट कर सकते हैं। वरना ऐडसेंस इनकम पर जीएसटी देने को तैयार रहिए। स्मार्ट बने तो जुर्माना अलग देना होगा।

इसी तरह आप बाक़ी ऐड नेटवर्क के लिए भी यह नियम लागू होता है।

भारतीय ब्लॉगर्स पर जीएसटी

एफ़िलिएट मार्केटिंग पर 18% जीएसटी कब?

एफ़िलिएट मार्केटिंग करने वाले अधिकतर ब्लॉगर्स इंडिया और विदेशों में एफ़िलिएट मार्केटिंग कर रहे हैं। अगर आप सिर्फ़ विदेशों में एफ़िलिएट मार्केटिंग कर रहे हैं तब तो जीएसटी से बच जाएंगे। लेकिन अगर इंडिया बेस्ड कम्पनियों के लिए एफ़िलिएट मार्केटिंग करते हैं तब आपको 18% जीएसटी देना ही देना होगा। बचने का कोई रास्ता नहीं है। अमेज़ॉन.इन, फ़्लिपकार्ट, ब्लूहोस्ट.इन, होस्टगेटर.इन आदि से होने वाली कमाई पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।

चूँकि ये कम्पनियाँ भारत में बिजनेस करती हैं, इसलिए एक्सपोर्ट ऑफ़ सर्विसेज का नियम नहीं लग पाएगा। अगर वह कम्पनी आपके राज्य में रजिस्ट्रर नहीं है।

आप जिन कम्पनियों के लिए एफ़िलिएटर्स हैं वो आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन नम्बर देने की बात कर रहे हैं। अगर आप रजिस्ट्रेशन नहीं करते हैं तो वह 18% जीएसटी काटकर पेमेंट भेजेंगी। इस तरह आप जीएसटी रजिस्ट्रेशन से बच सकते हैं, लेकिन सभी कम्पनियाँ ऐसा करेंगी, कुछ कहा नहीं जा सकता है।

गेस्ट पोस्ट से कमाने वाले ब्लॉगर्स पर 18% जीएसटी कब?

हममें से कुछ ब्लॉगर्स गेस्ट पोस्ट से कमाते हैं। इनका अपना एक नेटवर्क होता है। आप गेस्ट पोस्ट कर रहे हैं तो आप इस बारे में अच्छे से जानते होंगे। अगर आप गेस्ट पोस्ट करते हैं और आपको पेमेंट आपके राज्य से बाहर से आ रहा है तो भी 18% जीएसटी देना पड़ेगा। एक उदाहरण लेते हैं – मैं लखनऊ में रहता हूँ और अगर मुझे गेस्ट पोस्ट करने के लिए दिल्ली से पेमेंट मिलता है तो मेरे लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।

अगर आप जीएसटी के लिए रजिस्ट्रकर करने के बारे में जानकारी पिछली पोस्ट में दी जा चुकी है।

क्या अभी भी आपके मन मे कोई प्रश्न है तो ज़रूर पूछ लें।