पोस्ट शीर्षक सम्बंधित 5 प्रमुख गलतियाँ

पोस्ट शीर्षक ग़लत होने पर आपके ब्लॉग का ट्रैफ़िक बहुत प्रभावित होता है। ख़राब हेडलाइन आपके ब्लॉग को दो प्रकार से प्रभावित करती है –

1. आपके ब्लॉग पर पाठक नहीं आते हैं
2. सर्च से आने वाले पाठकों पर ग़लत संदेश जाता है

80/20 का नियम

इसे शब्दों में लिखूँ तो इसका अर्थ होगा कि 80 प्रतिशत पाठक ख़राब हेडलाइन लिखने से आपके ब्लॉग पर नहीं आते हैं। इसलिए आपको इस पर अतिरिक्त कार्य करना होगा। इसका एक और मतलब यह भी है पोस्ट लिखने में जितना भी समय आपको लगता है उसका 80 प्रतिशत समय आपको पोस्ट की आकर्षक हेडलाइन पर विचार करने के लिए देना चाहिए। एक आकर्षक और सटीक हेडलाइन यह बताती है कि आपने पोस्ट में क्या लिखा है? इसलिए यह पोस्ट से चार गुना ज़्यादा मायने रखती है।

Avoid Post Title Mistakes

पोस्ट हेडलाइन सम्बंधित 5 प्रमुख ग़लतियाँ

पाठकों को अपने जाल में फँसाने के लिए आपको नीचे बतायी गयी पाँच ग़लतियाँ नहीं करनी चाहिए –

आडम्बरपूर्ण पोस्ट शीर्षक रखना

बहुत से ब्लॉगर अत्यधिक आकर्षक हेडलाइन बनाने के चक्कर में आडम्बरपूर्ण पोस्ट शीर्षक रखते हैं। साथ ही वह अपने शीर्षक में इतनी अतिशयोक्ति प्रयोग करते हैं कि पाठक समझ ही नहीं पाते है, आख़िर बात किस बारे में की जा रही है? पोस्ट के शीर्षक कभी भी बात को इतना न बढ़ाये कि बात का बतंगड़ लगने लगे।

उल्लू बनाने वाले शीर्षक रखना

कभी भी अपने पाठको को मूर्ख समझने की भूल मत कीजिए। यदि कोई सिर्फ़ आपके पोस्ट की हेडलाइन पढ़कर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ना चाहता है तो उसकी आशाओं पर खरा उतरना आवश्यक है। यदि आप उल्लू बनाने वाली हेडलाइन ही लिखते रहेंगे तो ब्लॉगजगत में आपकी छवि बिगड़ती जायेगी। लोग कहने लगेंगे कि वो ब्लॉगर तो सिर्फ़ उल्लू बनाता है, उसके ब्लॉग पर मतलब का तो कुछ है ही नहीं।

हेडलाइन में बड़बोली भाषा का प्रयोग करना

पोस्ट की हेडलाइन को पढ़कर कोई आपके व्यक्तित्व के बारे में कोई ग़लत धारणा न बना ले, जैसे कि आप बड़े ही घमंडी ब्लॉगर हैं। कुछ लोग अधिकांश समय अपनी उपलब्धियाँ ही गिनाते रहते हैं। ये सब करते हैं समय वो बड़बोली भाषा का प्रयोग करते हैं। अपनी उपलब्धियों की चर्चा करते समय सदैव मानवता को याद रखना चाहिए।

अस्पष्ट हेडलाइन रखना

पोस्ट शीर्षक में कभी भी निरर्थक शब्दों का प्रयोग नहीं होना चाहिए। जिससे शीर्षक का वास्तविक अर्थ सभी को समझ आ सके। संज्ञा और क्रिया को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करने के लिए विशेषण और क्रिया-विशेषण का प्रयोग कम से कम करना चाहिए। शीर्षक में सशक्त लेकिन सरल शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जिससे हर पाठक वय वर्ग आपकी हेडलाइन को आसानी से समझ सके।

बेहूदा हेडलाइन रखना

पोस्ट शीर्षक में हास्य का पुट होना चाहिए किंतु उसमें बेहूदगी न शामिल हो। हास्य में सही समय पर और सही जगह पर चुटकी लेनी चाहिए। बार-बार किसी बात को मज़ाक बनाना बेहूदगी माना जाता है। इसलिए पोस्ट शीर्षक सदैव ही हास्य-विनोद से परिपूर्ण होना चाहिए किंतु उसमें बेहूदगी को कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

इसके अलावा भी अन्य कई हेडलाइन त्रुटियाँ हो सकती हैं। लेकिन हमने यहाँ सिर्फ़ उन्हीं की बात की है जिनका हिंदी ब्लॉगिंग में विशेष ध्यान रखना चाहिए।

अंत में आपके साथ एक बात अवश्य शेअर करना चाहेंगे कि आप शुरुआती समय में अविस्मरणीय हेडलाइन नहीं बना पायेंगे। लोगों ने बरसों अपने पाठकों की मनोभावनाओं को समझते रहने के बाद एकदम झकास हेडलाइन बनाना सीखा है। इसलिए अपनी हर पोस्ट के लिए एक आकर्षक हेडलाइन रखने का सदैव प्रयास करिए।

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  • https://www.blogger.com/profile/15717143838847827989 HARSHVARDHAN

    आपकी इस पोस्ट को ब्लॉग बुलेटिन की आज कि विश्व पर्यावरण दिवस और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर …. आभार।।

    • https://plus.google.com/+VinayPrajapati vinayprajapati

      ब्लॉग बुलेटिन पर इस पोस्ट को सभी के साथ शेअर करने के लिए अति आभार!

  • https://www.blogger.com/profile/07420982390025037638 गिरिजा कुलश्रेष्ठ

    सही कहा आपने । किसी बड़े साहित्यकार ने कहा है कि सबसे अधिक मुश्किल उन्हें रचना का शीर्षक चुनने में होती है । शीर्षक रचना से कम महत्त्वपूर्ण नही होता । यह आलेख अनेक रचनाकारों को दिशा देगा ।

    • https://plus.google.com/+VinayPrajapati vinayprajapati

      गिरिजा जी, आपके शब्दों ने इस लेख में जान डाल दी है! आपके स्नेह का शुक्रिया!

  • https://www.blogger.com/profile/00472342261746574536 ऋता शेखर मधु

    सही कहा विनय जी, शीर्षक पोस्ट का आइना होता है,इसपर ध्यान देना जरूरी है|

    • https://plus.google.com/+VinayPrajapati vinayprajapati

      ऋता शेखर जी आपका का तकनीक द्रष्टा पर हार्दिक स्वागत है। आपकी प्रतिक्रिया से ब्लॉगिंग के लिए प्रोत्साहन मिलता है।

  • रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

    बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

    आपकी इस' प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (09-06-2014) को "यह किसका प्रेम है बोलो" (चर्चा मंच-1638) पर भी होगी!

    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर…!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक

    • https://plus.google.com/+VinayPrajapati vinayprajapati

      आपके स्नेह का अति शुक्रिया!

  • आशा जोगळेकर

    सही सुझाव।

    • https://plus.google.com/+VinayPrajapati vinayprajapati

      आपका ब्लॉग पर हार्दिक स्वागत है!

  • http://badikhabar.com Deepa

    Very Nice blog post in hindi. Thanks for your sharing.